PCOS Treatment In Ayurveda In Hindi

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PCOS Treatment In Ayurveda In Hindi

PCOS के साथ गर्भधारण कैसे करे?

महिलाओं के गर्भवती होने में परेशानी पैदा करने वाली सबसे बडी समस्याओ में से एक पीसीओएस (Pcos) भी हैं । यह एक हार्मोन से सम्बंधित प्रॉब्लम होती हैंं, जो प्रजनन प्रणाली के अंतगर्त  काम करने की प्रोसेस को प्रभावित करता हैं ।

कुछ महिलाओं को तब तक पता नहीं लगता की वे पीसीओएस से ग्रस्त हैं, जब तक वे गर्भधारणा करने की कोशिश नहीं करती हैं ।   इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता लेकिन अगर आप प्राकृतिक रुप से बहुत सालों से गर्भधारना करने की कोशिश कर रही हैं, तो ऐंसे में आपको डाक्टर से परामर्श लेना चाहिए । आयुर्वेद ने कुछ उपाय बताये हैं जिसे आप अपना कर गर्भधारण कर सकते हैं तो आइए जानते हैं

पीसीओएस का आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट ( Pcos treatment in Ayurveda ) :-

आयुर्वेद से पीसीओएस (Pcos) यानी पाँलिसिस्टीक ओवेरियन सिंड्रोम का ट्रीटमेंट कर सकते हैं । जिनमें से मुख्य हैं पंचकर्मा पद्धति यानी मुख्य रूप से 5 कर्म जिससे बीमारी को जड़ से खत्म हो जाती हैं । यह आयुर्वेद की सबसे उत्तम पद्धति है जिसमें बिना किसी शल्य क्रिया से ट्रीटमेंट किया जाता हैं । तो चलिए जानते हैं –

पीसीओएस का पंचकर्मा से उपचार ( Panchakarma Treatment For Pcos )
 

1. वमन :- यह पंचकर्मा की प्रथम प्रक्रिया हैं जिसमे मरीज़ को उल्टी करवा कर बॉडी में उपस्थित दूषित पदार्थों को बाहर निकाला जाता हैं ।

2. विरेचन :- इस प्रक्रिया से मल के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाला जाता हैं । यह पंचकर्मा की दूसरी प्रक्रिया है ।

3. नस्य :- यह पंचकर्मा का थर्ड प्रोसेस नस्य यानी नाक, मतलब की मस्तिष्क के रास्ते से नाक के माध्यम से दूषित पदार्थों को बाहर निकाला जाता हैं ।

4. बस्ती :- यह पंचकर्मा की मुख्य पद्धति हैं जिससे मरीज़ की बॉडी उपस्थित तमाम अपशिष्ट पदार्थों को मल के माध्यम बाहर निकाला जाता हैं । उन्हें पोष्टिक आहार भी दिया जाता हैं ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इज़ाफ़ा हो । पीसीओएस के लिए यह रामबाण इलाज हैं ।

5. रक्त शोधन :- यह पंचकर्मा की अंतिम प्रक्रिया है जिसके माध्यम से रक्त का शोधन किया जाता हैं । जिससे स्वस्थ एवं तंदुरुस्त जीवन यापन कर सकता हैं ।

यदि आप पीसीओएस की प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं और गर्भधारण नहीं हो पा रहा है तो आयुर्वेद में कुछ मेडिसिन बताई गई हैं उनमें से प्रभावशाली मेडिसिन के बारे में हम बताने जा रहे हैं जिससे आप गर्भधारण कर सकते हैं तो आइए जानते हैं

PCOS  की बेस्ट आयुर्वेदिक मेडिसिन  (Best Ayurvedic Medicine For Pcos ) के बारे में :-

1. जीवनशैली में बदलाव

कुछ महिलाओं में ज्यादा वजन बढने से उनके हार्मोन को प्रभावीत करता  हैं । इसलिये अगर आपका वजन ज्यादा हैं तो वजन कम करने से आपके हार्मोन का स्तर सामान्य हो सकता हैं

। शरीर का 10% वजन कम करने से भी पीरियड्स समय के नुसार आने लग सकते हैं । ऐसे में आप प्रेग्नेंट हो सकती हैं ।

2. तनाव न ले

तनाव हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग बन गया हैं । यह समस्या स्वाभाविक हैं । ऐसा करने से हार्मोन असंतुलन बढता हैं । इसलिये कोशिश करे और अपने जीवन में डिप्रेशन आने न दे ।

 रोज योगा करें, ध्यान करें जीवन के लिये सकारात्मक दृष्टिकोण रखे और खुश रहें ।

3. इंसुलिन प्रतिरोधी खाने से बचे

जो खाना इंसुलिन प्रतिरोध की वजह बनता हैं, शरीरका वजन और रक्तशर्करा का स्तर बढता हैं । उसके सेवन से बचे जैसे आलू इत्यादि ।

4. विटामिन डी (vitamin D) की कमी

गर्भधान में सहायता के लिये विटामिन डी एक अनुकुल सीमा पर होना चाहिए । विटामिन डी फाँलिकल अंडे की परिपक्वता और विकास से सीधे संबंधित हैं । इसलिये जो महिला गर्भधारण करना चाहती हैं उन्हे विटामिन डी (vitamin D ) से भरपूर आहार लें/ विटामिन डी के सप्लिमेंटलेकर विटामिन डी बढाना चाहिये ।

5. क्रोमियम और मैग्नेशियम

शरीर में क्रोमियम और मैग्नेशियम के निम्न स्तर की कारण बांझपन हो सकता हैं इसलिये इन 2 खनिजों से परिपूर्ण आहार लें  ।

6. सक्रिय रहे

एक धीमी जीवनशैली से वजह से आपका वजन बढ सकता हैं इसलिये इंसूलिन प्रतिरोध से लडने के लिये एक्टिव होना जरुरी  हैं । जैसे-प्लेइंग, स्विमिंग, घर के काम खूद करना ।

7. गैर स्टार्चवाली सब्जी, फल एवं प्रोटीन युक्त आहार

आयुर्वेद में खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाता हैं । pcos की प्रॉब्लम के लिए  हरी पत्तेदार और बिना स्टार्चवाली सब्जी, फल और नटस से भरपूर पौष्टिक खाना खाना चाहिए । यह हमारी बॉडी में इंशूलिन प्रतिरोध कम करने में मदद करता हैं ।

8. आहार में ओमेगा

आपके आहार में ओमेगा 3 का समावेश लेप्टीन प्रतिरोधी और इंसुलीन प्रतिरोधी समस्याओं सहित कई स्वास्थ समस्याओं को ठिक करता हैं ।

9. अन्य मेडिसिन :-

आयुर्वेद में कुछ मेडिसिन दी जाती हैं जिनमें से चन्द्रप्रभा, सुकुमार कषाय एवं अशोकारिष्ट इत्यादि मुख्य हैं । जिनका चिकित्सक के परामर्श से उपयोग करे तो लाभ होगा ।

यह समस्या एक महिला के लिये गर्भधारण करना मुश्किल  बनाता हैं लेकिन यह नामुमकिन नहीं हैं । आपको बस उपचार, सही दृष्टिकोण की जरुरत  हैं । यदि आप pcos से पीड़ित हैं तो हमारे आशा आयुर्वेदा सेंटर दिल्ली से सम्पर्क कर सकते हैं । जहां आपको आयुर्वेदिक तरीके से ट्रीटमेंट दिया जायेगा । सम्पर्क सूत्र :- 9811773770

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