Dr. Chanchal Sharma: 1000+ महिलाओं को माँ बनने की आशा देने वाली आयुर्वेद विशेषज्ञ
आधुनिक विज्ञान जहाँ एक ओर तकनीक पर निर्भर हो चला है, वहीं आयुर्वेद जैसे प्राचीन विज्ञान ने एक बार फिर अपनी प्रभावशीलता से सबको चौंका दिया है। आजकल जब मिलावट की वजह से चीजों का साइड इफ़ेक्ट बढ़ने लगा है वहीँ आयुर्वेदा के प्राकृतिक उपचार से बिना किसी साइड इफेक्ट्स के आप मातृत्व सुख पा सकते हैं। इसी आयुर्वेदिक चमत्कार की जीवंत मिसाल हैं — डॉ. चंचल शर्मा, जिन्होंने अब तक 1000 से अधिक महिलाओं को मातृत्व का सुख प्रदान किया है। डब्लू एच ओ की रिपोर्ट के अनुसार आधुनिक समय में प्रत्येक 6 में से 1 व्यक्ति निःसंतानता की समस्या से परेशान है। जहाँ निःसंतानता के आधुनिक उपचार के तहत आईवीएफ आदि का सहारा लिया जाता है वहीँ आयुर्वेदा में आप नैचुरली कन्सीव करके संतानसुख पा सकते हैं। इसमें ध्यान योग्य बात यह है कि आईवीएफ की सफलता दर मात्र 30 प्रतिशत है और वहीँ आयुर्वेदा की सफलता दर 90 प्रतिशत तक है।
परिचय: डॉ. चंचल शर्मा – आयुर्वेदिक स्त्री रोग विशेषज्ञ
डॉ. चंचल शर्मा एक प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक गायनेकोलॉजिस्ट हैं, जो पिछले 15 वर्षों से महिलाओं की प्रजनन संबंधी समस्याओं का सफलतापूर्वक इलाज कर रही हैं। डॉ चंचल शर्मा का क्लिनिक भारत के पांच बड़े शहरों में स्थित है जैसे दिल्ली, मुंबई, पुणे, लखनऊ और हैदराबाद। इसके अलावा उनके पास भारत के सभी हिस्सों से निःसंतान कपल आयुर्वेदिक इलाज हेतु आते हैं। भारत के बाहर से भी मरीज संतानसुख हेतु डॉ चंचल शर्मा से संपर्क करते हैं। उन्होंने कई परिवारों को खुशियां देकर उनका भरोसा जीता है। उनका क्लिनिक 'आशा आयुर्वेदा' दिल्ली, मुंबई, पुणे, लखनऊ और हैदराबाद में स्थित है। उनकी सबसे बड़ी पहचान है – प्राकृतिक तरीकों से महिलाओं को गर्भधारण में मदद करना, बिना किसी सर्जरी या हार्मोनल दवाइयों के।

आयुर्वेद और मातृत्व: एक प्राकृतिक संगम
डॉ. चंचल शर्मा का मानना है कि "स्त्री का शरीर एक मंदिर है, जिसे आयुर्वेद के माध्यम से स्वस्थ और संतुलित रखा जा सकता है।" उनके द्वारा किया जाने वाला उपचार शरीर के तीनों दोषों – वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है, जिससे महिला की प्रजनन क्षमता में स्वाभाविक रूप से सुधार होता है। आयुर्वेदा के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के शरीर में तीनों दोषों का असंतुलन होता है तो उसी से अलग अलग तरह के रोग होते हैं, उन्ही में से एक निःसंतानता भी है जो कई कारणों से हो सकता है। लेकिन आयुर्वेदिक दवाओं से इसका उपचार संभव है।
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PCOS/PCOD (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम): आयुर्वेदा में पीसीओडी का इलाज बिना किसी सर्जरी, लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन, आयुर्वेदिक दवाओं, और डाइट से किया जाता है। PCOD एक हार्मोनल विकार है जिसका इलाज आयुर्वेदा के माध्यम से ज्यादा प्रभावशाली तरीके से हो सकता है।
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अनियमित माहवारी: अनियमित माहवारी इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके अंडे समय से नहीं बन रहे है यानी ओवुलेशन नियमित नहीं है और ऐसे में गर्भधारण करना मुश्किल होता है। लेकिन आयुर्वेदिक उपचार से अनियमित माहवारी को ठीक किया जा सकता है और इसके बाद संतानप्राप्ति भी हो सकती है।
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फेल हुए IVF के बाद भी गर्भधारण: अगर किसी महिला ने पहले आईवीएफ कराया है लेकिन वह किसी कारणवश सफल नहीं हो पाया तो आप आयुर्वेदिक उपचार से पुनः गर्भधारण कर सकते हैं वह भी बिलकुल प्राकृतिक तरीके से बिना किसी सर्जरी के।
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फाइब्रॉइड्स, एंडोमेट्रियोसिस: एंडोमेट्रिओसिस एक ऐसी बिमारी है जिसमे महिला के गर्भाशय में पाए जाने वाला ऊतक उसके बाहर किसी अन्य प्रजनन अंग में विकसित हो जाता है। लेकिन आयुर्वेदा में इसका भी इलाज संभव है।
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बांझपन (Infertility): बांझपन के इलाज के लिए आयुर्वेदा सबसे अच्छा माना जाता है। इसकी सफलता दर अन्य किसी भी चिकित्सा पद्धति के मुकाबले बहुत ज्यादा है।
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ट्यूब ब्लॉकेज: ट्यूबल ब्लॉकेज महिला निःसंतानता की सबसे बड़ी वजह है। 10 में से 4 निःसंतान कपल ट्यूबल ब्लॉकेज का शिकार होते हैं। लेकिन आयुर्वेदा में थेरेपी, उत्तरबस्ती, एब्डोमेन मसाज, डाइट, आदि के माध्यम से ट्यूबल ब्लॉकेज को ठीक किया जाता है। इसमें किसी प्रकार की सर्जरी नहीं की जाती है बल्कि यह एक दर्दरहित प्रक्रिया है जिसका कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं है और आप पूर्णतः प्राकृतिक तरीके से पेरेंटहुड की ख़ुशी पा सकते हैं।
Aasha Ayurveda – महिलाओं के लिए आशा की किरण
'आशा आयुर्वेदा' सिर्फ एक क्लिनिक नहीं, बल्कि हजारों महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण है। यहां आयुर्वेदिक उपचार के साथ-साथ पंचकर्म, विशेष डायट प्लान्स, मानसिक परामर्श और योगाभ्यास के जरिये संपूर्ण चिकित्सा दी जाती है।
क्यों चुनें Aasha Ayurveda?
- व्यक्तिगत ध्यान और कस्टमाइज़्ड ट्रीटमेंट
- आधुनिक रिपोर्ट्स के अनुसार इलाज
- दवाइयां पूरी तरह हर्बल और बिना साइड इफेक्ट्स
- भारत के पांच प्रमुख शहरों में क्लिनिक
- विशेषज्ञों की अनुभवी टीम के साथ डॉक्टर चंचल शर्मा का मार्गदर्शन
1000+ सफलताएँ: आंकड़े नहीं, भरोसे की मिसाल
डॉ. चंचल शर्मा ने अब तक 1000 से अधिक महिलाओं को मातृत्व का सुख प्रदान किया है, जिनमें से कई महिलाएं ऐसी थीं जिनका IVF भी असफल हो चुका था। उनके द्वारा किया गया उपचार न सिर्फ शरीर को स्वस्थ करता है, बल्कि मानसिक रूप से भी सकारात्मकता प्रदान करता है

कुछ भावनात्मक सफल कहानियाँ:
- एक महिला, जिसकी तीन बार IVF असफल हो चुका था, आयुर्वेद से 6 महीने में स्वाभाविक रूप से गर्भवती हुई।
- 38 वर्ष की आयु में PCOS से जूझ रही महिला ने आशा आयुर्वेदा के इलाज से गर्भधारण किया।
डॉ. चंचल शर्मा की सोच: "हर महिला माँ बन सकती है"
डॉ. चंचल शर्मा का उद्देश्य केवल महिलाओं को गर्भधारण कराना नहीं है, बल्कि उन्हें एक स्वास्थ्यपूर्ण और सुखद मातृत्व यात्रा प्रदान करना है। वे मानती हैं कि आयुर्वेद में वह शक्ति है जो हर महिला को मातृत्व का आशीर्वाद दे सकती है – चाहे समस्या कितनी भी पुरानी या जटिल क्यों न हो।
इस लेख की जानकारी हमें डॉक्टर चंचल शर्मा द्वारा दी गई है। अगर आपको लेख पसंद आया तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं। ऐसे ही और इंफॉर्मेटिव ब्लॉग पोस्ट के साथ आपसे फिर मिलेगे। इस विषय से जुड़ी या अन्य Tubal Blockage, PCOS/PCOD, हाइड्रोसालपिनक्स उपचार पर ज्यादा जानकारी चाहते हैं तो आशा आयुर्वेदा की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाए

